बुधवार, 17 जून 2009
T-20 KA FUNDA
टी-२० कप का शबाब जोरो पर होने से रह गया है! वजह साफ़ है की एक तरफ पिछली बार का सिरमोर भारत अपने खिताब की रक्षा करने से चुक गया तो , वही दूसरी तरफ क्रिकेट के खेल का बादशाह ऑस्ट्रेलिया भी अपने को पहले ही दोर से बहार होने से नहीं बचा पाया! मजे की बात तो ये है की दोनों प्रारूपों के कप्तान अपनी अपनी टीमों को खिताब का दावेदार मान रहे थे और दोनों के ही दावे धरे के धरे रह गए! अगर दूसरी तरफ भी गौर किया जाये तो आईपीएल का चौकाने वाला परिडाम इस विश्व कप में देखा गया वहा भी पिछली बार की निचली टीमों ने खिताब के लिए जगह बनाई और इस विश्व कप में भी अभी तक कुछ ऐसा ही देखा जा रहा है! आइये अब बात करते हैं भारतीय टीम के इस घटिया प्रदर्शन के बारे में जिसने हर भारतवासी के दिलों को तोड़ने के साथ-साथ इस प्रारूप के मजे को भी किरकिरा करा दिया! धोनी ने इंग्लैंड के हाथों हुई हार के लिए जडेजा को दोषी ठराया लेकिन एक नए युवक ने अपने खेल में वो झलक तो दिखाई जो इस मैच में किसी में नहीं दिखी, फिर चाहे वो बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी! अब अंत में आशा करता हु की वेस्टइंडीज के दोरे पर भारत की आताम्विश्वास खोयी टीम फिर से जीत की आदत डाले जिस से देशवासियों को कुछ सांत्वना मिल पाए क्योकि हमारे देश मैं क्रिकेट खेल से बढ कर जूनून का स्थान रखता है
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
